मध्यप्रदेश के चयनित चीनी उद्योगों के कोष प्रवाह विवरण का विश्लेषणात्मक अध्ययन (मध्य प्रदेश राज्य के संदर्भ में)
Author : दिनेश कुमार दुबे
Abstract :
हमारे आर्षवाड़गमय में एक उक्ति है ‘‘उद्योगे बसति लक्ष्मी’’ ऐसा कहा जाता है कि जहाँ पर लक्ष्मी का निवास होता है वहाँ सारी निधियों, सिद्धियों, रिद्धियों की बाहुल्यता रहती है। लक्ष्मी जी का निवास भी वहीं होता है जहाँ उद्योगों की विपुलता है। ‘उद्योग’ नामक शब्द में बहु आयाम, बहु अर्थ समाहित हैं। शोधार्थी द्वारा मध्यप्रदेश एवं अध्ययन क्षेत्र नरसिंहपुर जिले की चयनित चीनी मिलों की वित्तीय संरचना का अध्ययन प्रस्तुत किया है। इन चीनी मिलों से प्राप्त आंकड़ों का कोष प्रवाह विधि के माध्यम से परीक्षण कर निष्कर्ष पर पहुंचा गया है। कोष प्रवाह को दो भागों में विभाजित किया जाता है। आर्थिक चिट्ठे के आधार पर दो वर्षों की चालू सम्पत्ति एवं चालू दायित्वों में परिवर्तन के आधार पर कार्यशील पूंजी में वृद्धि/कमी ज्ञात की जाती है एवं स्थायी सम्पत्ति एवं स्थायी दायित्वों को कोष प्रवाह विवरण के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। नरसिंहपुर नगर नरसिंहपुर जिले का मुख्यालय है। जिले का अधिकांश भाग कृष्य भूमि से आवृत्त है। यहाँ कृषि का स्वरूप उन्नत अवस्था है। लेकिन उद्योग के क्षेत्र में ‘सी’ श्रेणी प्राप्त औद्योगिक जिला है। कृषि आधारित उद्योगों की बाहुल्यता नहीं है। कृषि अवंलम्बित तेल उद्योग, दाल उद्योग, खाण्डसारी एवं गुड़ उद्योग, कृषि सहायक उद्योग के अंतर्गत कृषि उपकरण निर्माण तथा कृषि सेवा उद्योग से संबंधित ट्यूबवेल को ड्रीलिंग कलपुर्जों की मरम्मत आदि की औद्योगिक अथवा लघु औद्योगिक इकाईयाँ कार्यरत हैं। कुछ खाण्डसारी मिल्स भी गन्ना की फसल खांडसारी के रूप में उत्पादन करती हैं।
Keywords :
चीनी उद्योग, कोष प्रवाह, गुड़ एवं खाण्डसारी उद्योग, मध्यम एवं लघु इकाईयां।