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रामचरितमानस के चयनित दोहे एवं चोपाईयों का शैक्षणिक महत्व

Author : किरण दांगोड़े और डॉ. धारा श्री श्रीवास

Abstract :

प्रस्तुत शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य गोस्वामी तुलसीदास कृत 'रामचरितमानस' में निहित शैक्षिक मूल्यों और उनके आधुनिक संदर्भों का विश्लेषण करना है। वर्तमान युग में, जहाँ शिक्षा का झुकाव केवल सूचना और कौशल की ओर अधिक है, वहीं यह शोध रेखांकित करता है कि मानस की चौपाइयां किस प्रकार 'मूल्य-आधारित शिक्षा' (Value-based Education) और 'चरित्र निर्माण' में मील का पत्थर साबित हो सकती हैं। इस शोध में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति का उपयोग किया गया है। शोध के निष्कर्ष यह दर्शाते हैं कि रामचरितमानस के दोहे केवल धार्मिक उपदेश नहीं हैं, बल्कि वे मनोविज्ञान (Psychology), अनुशासन (Discipline), सामाजिक उत्तरदायित्व (Social Responsibility) और गुरु-शिष्य परंपरा के उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। चयनित चौपाइयों के माध्यम से यह सिद्ध किया गया है कि यदि इन जीवन-मूल्यों को आधुनिक स्कूली पाठ्यक्रम में एकीकृत किया जाए, तो विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव है। यह शोध पत्र अंततः यह प्रतिपादित करता है कि रामचरितमानस एक कालजयी ग्रंथ है जो समकालीन शिक्षा प्रणाली की नैतिक रिक्तता को भरने की पूर्ण क्षमता रखता है I

Keywords :

रामचरितमानस, शैक्षिक मूल्य, चरित्र निर्माण, आधुनिक शिक्षा पद्धति, जीवन कौशल, तुलसीदास I