अनुसूचित जनजाति महिला श्रमिकों के कार्यक्षेत्र में होने वाली समस्याओं का अध्ययन
Author : डॉ. रोशन कुमार झारिया
Abstract :
नगरों में श्रमिक बाजार में महिला श्रमिकों के हिस्से में आने वाले कार्यो में अधिकांश कार्य अकुशल श्रेणी के हैं। जिस कार्य में महिलाओं को परम्परागत रूप से एक शारीरिक श्रम करने वाले कार्मो के लिए उपर्युक्त माना जाता है यहीं मनोवृत्ति श्रमिक बाजार में महिला श्रमिकों के साथ भी देखने को मिलती है। लेकिन यह देखने में आया है कि जो कार्य बहुत ही मेहनत एवं शारीरिक श्रम के होते हैं। वह महिला ही करती हैं लेकिन यह उनके स्वास्थ्य की दृष्टि से उचित नहीं है पर निर्माण कार्य में पत्थर डालने, मसाला तैयार करना, तगारी उठाना आदि कार्य जो कि हेल्पर के रूप में एक महिला श्रमिक को करने होते हैं। निर्माण कार्य के अलावा शहर में कुछ महिलाओं को अन्य काम जैसे - सब्जी बेचना, घरेलू नौकरानी के रूप में काम करना, साफ सफाई का काम, ईट भट्टों पर, फेक्ट्रीयों में, धागा मिल तथा शादी-पार्टी में रसोईयों का काम करती हैं, परंतु कार्यस्थल पर किए जाने वाले कार्यो की प्रकृति आरै उनकी मजदूरी दर में भी महिला व पुरूष श्रमिकों में अंतर स्पष्ट दिखाई देता हैं। नगरों में महिलाओं की स्थिति को समझने के लिए प्रस्तुत अध्ययन में महिलाओं को काम नहीं मिलना, मजदूरी का पुरा भुगतान न होना, महिला होने के प्रति समुदाय की संकीर्ण सोच, ठेकेदार एवं साथी कामगार के द्वारा अभ्रद व्यवहार करना, यौन शोषण, छेड़छाड़ आदि समस्याओं का सामना करना पडता हैं।
Keywords :
अनुसूचित जनजाति, महिला श्रमिक, कार्यक्षेत्र, समस्या।